मोगा में किसानों पर पुलिस का क्रूर हमला अक्षम्य है: मनीष सिसोदिया

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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे तभी नई अनाज मंडी के बाहर राष्ट्रीय राजमार्ग पर धावा बोल रहे प्रदर्शनकारी किसानों के साथ, गुरुवार को, मोगा पुलिस की हिंसक झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों के साथ पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ दिए और शिरोमणि अकाली दल की रैली स्थल पर जाने के लिए हंगामा खड़ा कर दिया जिससे पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी।

विरोध कर रहे किसानों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। किसानों पर वाटर कैनन से पानी की बौछार भी की गई। झड़प होने के कारण कम से कम पांच किसान और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए, साथ ही 15 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए और 35 लोगों को पंजाब पुलिस ने हिरासत में लिया।

मनीष सिसोदिया ने किया ट्वीट

इस पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी अपने ट्वीटर अकाउंट पर ट्वीट किया। उन्होनें लिखा कि “मोगा में किसानों पर पुलिस का क्रूर हमला अक्षम्य है। सुखबीर बादल की भयानक चुप्पी, जिसके खिलाफ किसान विरोध कर रहे थे और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर, जिन्हें पुलिस रिपोर्ट करती है, आगे साबित करती है कि ये दोनों केंद्र में भाजपा सरकार की तरह ही किसान विरोधी हैं।”

पुलिस कार्रवाई हमें नहीं रोक पाएगी

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क्रांतिकारी किसान संघ के कार्यकर्ता Baldev Singh Zira ने कहा कि पुलिस हमले के बावजूद उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होनें कहा कि “हम दृढ़ संकल्प के साथ अपना विरोध जारी रखेंगे क्योंकि अकाली नेतृत्व ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को पेश करने के लिए भाजपा का समर्थन किया था।” कीर्ति किसान संघ के नेता निर्भय सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा, “हमें नेताओं से जवाब मांगने का पूरा अधिकार है और हम श्री बादल से पूछना चाहते थे कि उनकी पार्टी ने तीन कृषि कानूनों का समर्थन क्यों किया जब वे (शिअद) थे।”

सिंह ने बताया, जैसे ही हम कार्यक्रम स्थल की ओर बढ़े, पुलिस ने हम पर पानी की बौछारें और लाठियां बरसाईं जिसमें करीब एक दर्जन किसान घायल हो गए। उन्होंने आगे बलदेव सिंह जीरा की भावनाओं को प्रतिध्वनित करते हुए कहा, “अब, हमने एक ‘पक्का मोर्चा’ शुरू किया है और जब तक हिरासत में लिए गए किसानों को रिहा नहीं किया जाता है, हम पीछे नहीं हटेंगे।”

पंजाब के सीएम ने CM M.L. Khattar से मांगा इस्तीफा

दिलचस्प बात यह है कि इस सप्ताह की शुरुआत में पंजाब के CM Captain Amarinder Singh ने हरियाणा के मुख्यमंत्री M.L. Khattar से इस्तीफे की मांग की। हरियाणा पुलिस ने करनाल में विरोध कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया। जिसके बाद सिंह ने इसे सरकार प्रायोजित हमला बताते हुए खट्टर से घायल किसानों को मुआवजा देने को कहा है।

पंजाब के सीएम ने टिप्पणी की, “यह हमारे अन्नदाता (किसानों) के साथ व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है।” उन्होंने हरियाणा के सीएम से माफी की भी मांग की और विडंबना यह है कि पुलिस कार्रवाई को ‘बेरहम क्रूरता’ के रूप में वर्णित किया था। खट्टर ने हालांकि जोर देकर कहा था कि कानून और व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सख्ती बरती जानी चाहिए।

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