Immunity Meaning in Hindi | 10 हर्ब्‍स जो बढ़ायेंगे आपकी इम्युनिटी

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दोस्तों आज का हमारा आर्टिकल है Immunity Meaning in Hindi जिसमें हम आपको बताऐंगे कि Immunity को हिन्दी में क्या कहते हैं। सा​थ ही बताऐं कि इम्युनिटी कम होने का क्या कारण होता है और हम कैसे इम्युनिटी को बढ़ा सकते हैं। आज के समय में कई तरह तरह की बिमारियां पनप रहीं हैं। यदि हमारे शरीर की इम्युनिटी कम है तो हम कई तरह के रोगों का शिकार हो सकते हैं, इसलिए हमें उन चीजों को अपनाना चाहिए जिससे हमारी इम्युनिटी बढ़े।

Content: Immunity Meaning in Hindi

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ये जरूरी नहीं कि हरेक व्यक्ति की इम्युनिटी किसी दूसरे व्यक्ति के समान हो। Immunity का स्तर अलग-अलग हो सकता है किसी की ज्यादा तो किसी की कम। यदि आपके शरीर का इम्युनिटी स्तर कम है तो आपको बता दें इसमें चिंता की कोई बात नहीं, हम आपको कुछ ऐसे हर्ब के बारे में बताएगें जिनके निरंतर सेवन से आप अपनी Immunity आसानी से बढ़ा सकते हैं और किसी भी बिमारी से लड़ने के लिए स्वयं के शरीर को तैयार कर सकते हैं।

आशा है कि अब आपको Immunity का Hindi Meaning समझ आ गया होगा।

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इस समय पूरा विश्व कोरोनावायरस से त्रस्त है, लाखों लोग इस वायरस से ​संक्रमित हैं और लाखों लोग इससे अपनी जान भी गंवा चुके हैं भारत में भी इसका प्रकोप लगातार जारी है। इसका कारण है कि कोरोनावायरस का अभी कोई ईलाज सामने नहीं आया है

पूरा विश्व कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन (टीका) बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। अब सवाल ये है कि कोरोना वायरस या अन्य बिमारियों से हम अपने आप को कैसे सुरक्षित करें? इसका आसान सा उत्तर है कि हमें स्वयं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहिए अर्थात अपनी Immunity को बढ़ाना चाहिए। आईये आगे बढ़ते हैं हमारे आर्टिकल Immunity Meaning in Hindi में

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Immunity Meaning in Hindi (कितनी प्रकार की होती है इम्युनिटी)

इम्युनिटी का मतलब होता है “शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता” यानि कि शरीर की वो अंदरूनी शक्ति जो आपको किसी भी बिमारी या वायरस से बचाती है उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति की इम्युनिटी ज्यादा है तो वह बिना किसी दवा के किसी भी बिमारी से लड़ सकता है और अपने आप को सुरक्षित रख सकता है

इम्युनिटी दो तरह की होती है इनेट और एडेटिव Immunity

1. इनेट इम्युनिटी: इस प्रकार की इम्युनिटी व्यक्ति को रोग से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है किन्तु ये लम्बे समय तक काम नहीं करती।

2. एडेटिव इम्युनिटी: ये हर प्रकार के रोगों से लड़ने में सहायता करती है और इसका असर लम्बे समय तक रहता है।

इम्युनिटी कम होने के क्या कारण हैं?

आपने कभी ये जरूर अनुभव किया होगा कि कुछ व्यक्ति अक्सर बीमार रहते हैं कभी ठीक तो अधिकतर बीमार। इसका कारण ये है कि उनका शरीर वायरस, जर्म्स या रोग फैलाने वाले कीटाणुओं से लड़ने में सक्षम नहीं है उनका immunity system कमजोर होता है इसलिए वे अधिकतर ​बीमार रहते हैं इम्युनिटी कम होने के कई कारण हैं जैसे:

तनाव

आजकल की कार्यशैली बहुत तनाव भरी है किसी को आफिस में तनाव है तो किसी को घर में। यही तनाव हमारे immunity system को कमजोर बनाता है और हम किसी न किसी बीमारी की गिरफ्त में आसानी से आ जाते हैं इसलिए हमें अपने जीवन में तनाव से बचना चाहिए ताकि हमारा immunity system बरकरार रहे।

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व्यायाम की कमी

कई शोधों से ये बात साबित हुई है कि नियमित व्यायाम करने वाले लोगों की immunity अन्य व्यक्तियों से अधिक होती है। नियमित व्यायाम करने से न्यूट्रोफिल्स को काम करने में मदद मिलती है न्यूट्रोफिल्स बॉडी की वो सेल्स हैं जो कि हमारे शरीर के खतरनाक सूक्ष्मजीवों को मारने का कार्य करती है।

कम नींद लेना

आपको बता दें कि जब हम सो रहे होते हैं उस समय भी हमारे शरीर के ब्लड सेल्स, इन्फेक्शन या रोग से लड़ रहे होते हैं चूंकि सोते समय हमारी शरीर की एनर्जी किसी दूसरे कार्य में खर्च नहीं होती और सारी की सारी एनर्जी रोग से लड़ने में लग जाती है। इसलिए डॉक्टर्स मरीज़ को आराम की सलाह देते हैं। इस तरह भरपूर नींद आपके शरीर के immunity system को मजबूत बनाती है।

पोषण की कमी

संतुलित भोजन हमारी इम्युनिटी को बढ़ाता है अत: ये सुनि​श्चित करें कि भोजन में विटामिन, खनिज, पोषक तत्व, एंटीऑक्सीडेंट्स और सभी जरूरी तत्व उपस्थित हों। कुपोषण से हमारी इम्युनिटी कमजोर होती है।

धूम्रपान और शराब का सेवन

धूम्रपान, तम्बाकू और शराब का सेवन immunity system के ठीक से काम करने में रूकावट डाल सकता है। जिससे आपका शरीर कई बिमारियों की गिरफ्त में आ सकता है, इसलिए धूम्रपान, तम्बाकू और शराब का त्याग करें और अपने आप को सुरक्षित करें।

हर्ब्‍स जो बढ़ाते हैं इम्युनिटी

कम इम्युनिटी वाले लोग इन हर्ब का सेवन करके, अपने immunity system को मजबूत कर सकते हैं और अनावश्यक रोगों से अपने आप को बचा सकते हैं।

सिटरस फ्रूट्स

सर्दी जुकाम होने पर ज्यादातर लोग विटामिन C लेना शुरू कर देते हैं क्योंकि यह आपके immunity system को मजबूत करता है। विटामिन C से सफेद रक्त कोशिकाओं की बढ़ोत्तरी होती है जो संक्रमण से लड़ने में बहुत महत्वपूर्ण है। लगभग सभी खट्टे फलों में विटामिन C, अधिकतम मात्रा में पाया जाता है जैसे: संतरा, नींबू, अंगूर, किन्नू।

लहसुन

दुनिया में लगभग हर व्यंजन में लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। यह भोजन में थोड़ी सनसनाहट पैदा करता है और ये स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। प्राचीन सभ्यताओं ने लहसुन को संक्रमण से लड़ने में मान्यता दी। लहसुन धमनियों को सख्त होने से बचाता है और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है।

लहसुन में सल्फर युक्त यौगिक, जैसे एलिसिन भारी मात्रा में होता है जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

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अदरक

बीमार होने पर कुछ लोग अदरक का भी इस्तेमाल करते हैं अदरक, गले में खराश और सूजन संबंधी बीमारियों को कम करने में मदद कर सकता है। अदरक पुराने दर्द को भी कम कर सकती है। यहां तक कि इसमें कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले गुण भी पाए जाते हैं।

हल्दी

घरों में बनने वाली लगभग हर सब्जी या करी में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी, पुराने ऑस्टियो आर्थराइटिस और rheumatoid गठिया दोनों के इलाज में वर्षों से उपयोग किया जाता रहा है। हल्दी से, व्यायाम या अन्य रोगों के कारण मांसपेशियों की क्षति को कम करने में मदद कर सकती है।

ग्रीन टी

ग्रीन और ब्लैक टी दोनों में फ्लेवोनोइड, एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट होता है जबकि ग्रीन टी में एक्जिलोकैटेचिन गैलेट (EGCG) का लेवल ज्यादा होता है जो कि एक और शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है।

अध्ययनों से स्पष्ट हुआ है कि EGCG से प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ती है। ब्लैक टी को उबालने के कारण कुछ EGCG नष्ट हो जाते हैं जबकि ग्रीन टी को स्टीम किया जाता है उसे उबाला नहीं जाता इसलिए उसमें EGCG काफी मात्रा में बचा रहता है। ग्रीन टी में एमिनो एसिड L-theanine भी पाया जाता है जो श​रीर की T कोशिकाओं में रोगाणुओ से लड़ने वाले यौगिकों को बढ़ाने में सहायता करता है।

लौंग

लौंग शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने के साथ साथ एक बढ़िया एंटीऑक्सीडेंट और एंटी बैक्टीरियल भी है। लौंग कई स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करने में मददगार हो सकती है। लौंग के सेवन से मुंह के छालों को दूर किया जा सकता है। इसके साथ ही ये दांत दर्द, सांस से संबंधित दिक्कत, मुंह में बदबू और गले में खराश होने काफी फायदा पहुंचा सकती है। लौंग के सेवन से हमें विटमिन-B का भी पोषण मिलता हैं।

दालचीनी

दालचीनी का नियमित प्रयोग करने से कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। दालचीनी हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का काम कर सकती है क्योंकि दालचीनी में कई एंटी ऑक्सीडेंट्स और एंट बैक्टीरियल गुण होते हैं जिनसे हम कई समस्याओं से बच सकते हैं। दालचीनी का उपयोग काढ़ा या चाय बनाने में किया जा सकता है।

ब्रोकली (हरी फूलगोभी)

ब्रोकली में पर्याप्त मात्रा में विटामिन और खनिज पाए जाते हैं। इसमें विटामिन ए, सी, ई के साथ-साथ फाइबर और कई अन्य एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, ब्रोकली सबसे ज्यादा हैल्दी सब्जियों में से एक है।

ब्रोकली में इतने ज्यादा गुण होने के कारण ये हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुपरचार्ज कर देती है।

आंवला

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आंवला विटामिन C का सबसे बड़ा स्रोत है। ये हम सभी जानते हैं कि इम्यूनिटी को बढ़ाने के लिए विटामिन C कितना आवश्यक है। आंवले के सेवन से हम अपने मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बना जा सकते हैं। इसके अलावा, आंवला बालों का झड़ने से रोकता है, त्वचा की समस्याओं को भी दूर करता है। हमें रोजाना एक आंवले का सेवन अवश्य करना चाहिए।

एलोवेरा

एलोवेरा औषधीय गुणों से भरपूर होता है और ये कई बीमारियों से लड़ने में और हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन फायदे देने वाला है। हमारी त्वचा से लेकर, पाचन, एवं डायबिटीज़ के लिए भी एलोवेरा शानदार हो सकता है। एलोवेरा मेंटल हैल्थ के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। हफ्ते में एक बार एलोवेरा जूस पीने से हमारी इम्युनिटी और बेहतर हो सकती है।

इम्युनिटी बढ़ने के अन्य उपाय

हमारे आर्टिकल Immunity Meaning in Hindi में अब हम आपको इम्यूनिटी बढ़ाने के अन्य उपाय बताने जा रहे हैं। उपर हमने उन हर्ब के बारे में बताया जिनका उपयोग करके आप अपने शरीर की इम्युनिटी (Immunity) को ज्यादा से ज्यादा बढ़ा सकते हैं। अब हम कुछ अन्य उपाय भी बता रहे हैं जिसे आपकी इम्युनिटी ओर ज्याद अच्छी हो सकती है। ये उपाय इस प्रकार हैं:

नियमित व्यायाम से बढ़ती है इम्युनिटी

व्ययाम एक नहीं बल्कि कई रोगों से आपको निजात दिला सकता है। नियमित रूप से व्ययाम करने से डायबिटीज या ब्लड प्रेशर के रोगियों को आराम मिलता है। शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। व्यायाम हमारे ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ा कर हमारी इम्युनिटी को भी बढ़ता है।

विटामिन D वाले खाद्य पदार्थों का सेवन

सही मात्रा में विटामिन डी को लेना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। खासकर जब हमारा शरीर जुकाम और फ्लू से प्रभावित हो। विटामिन डी श्वसन संक्रमण के खिलाफ बहुत उपयोगी साबित होता है।

ज्यादा दवाओं के प्रयोग से बचें

कभी कभी ज्यादा दवाओं का सेवन भी हमारे शरीर के लिए अच्छा नहीं होता। दवाओं का अत्यधिक सेवन भी हमारे इम्यून सिस्टम में बाधा डालती है। दवाओं का अधिक प्रयोग हमारे लिवर, किडनी और रेस्पिरेटरी सिस्टम के कार्य करने की क्षमता में बाधा डालती सकती हैं और उन्हे गंभीर रूप से प्रभावित कर भी कर सकती हैं। हालांकि दवाएं और एंटीबायोटिक्स शरीर को बीमारियों से ठीक करते हैं, पर कभी कभी अत्याधिक दवाऐं शरीर की इम्यूनिटी में सुधार करने में मदद नहीं करती।

शराब और धूम्रपान से इम्यूनिटी का कम होना

धूम्रपान, शराब और तम्बाकू का सेवन आपके इम्यून सिस्टम के कार्य में बाधा डाल सकता है जिससे आपके शरीर पर कई बिमारियों का हमला हो सकता है, इसलिए धूम्रपान, शराब और तम्बाकू का जल्द से जल्द त्याग करे और अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं।

विषाक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें

यदि कोई व्यक्ति रिफाइंड शुगर और प्रोसेस्ड फूड का काफी लम्बे समय तक और बहुत ज्यादा सेवन कर रहा है तो उस व्यक्ति का इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है जिसके कारण कई तरह की बीमारियां लगने का खतरा बढ़ सकता है। विषाक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से हमारी सफेद ब्लड सेल्स जो बैक्टीरिया को मारने का कार्य करती हैं उनकी क्षमता कम हो जाती है।

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स्वच्छता बनाए रखें

यदि कोई व्यक्ति अस्वच्छ स्थान पर बना हुआ है तो उस व्यक्ति को किसी तरह का इन्फेकशन होने का खतरा रहता है। अधिकतर इन्फेक्शन गन्दी सतहों को छूने से और फिर अपनी उंगुलियों को अपने मुंह, आँख, नाक पर लगाने से फैलते हैं। इस तरह के इन्फेक्शन को हम कुछ अच्छी आदतों को अपनाकर बच सकते हैं। जैसे: हमारे आस पास की स्वछता का ध्यान रखना, खाना खाने से पहले और खाने के बाद हाथों को धोना, दूषित भोजन से बचना, नाखूनों को काट कर रखना आदि।

आशा है आपको हमारा आर्टिकल Immunity Meaning in Hindi अवश्य ही पसंद हा रहा होगा तो बढ़ते हैं आगे।

पर्याप्त नींद से बढ़ाऐं इम्युनिटी

दोस्तों जब हम गहरी नींद में सोते हैं तो हमारा शरीर एक तरह से चार्ज होता है और अगले दिन के कामों के लिए तैयार होता है। नींद की कमी हमारे इम्यून सिस्टम को कम करती है इसलिए हमें हर दिन कम से कम 8 घंटों की गहरी नींद अवश्य लेनी चाहिए।

हँसेने से भी बढ़ती है इम्युनिटी

खुलकर हँसेने से एक नहीं बल्कि कई रोग ठीक होते हैं। अंग्रेज़ी में कहा भी गया है कि Laughing is The Best Medicine. खुल कर हँसने से हमारे शरीर की इम्युनिटी तो बढ़ती ही है साथ ही हमारा मानसिक स्वास्थ में भी सुधार आता है, इसलिए जब भी आपको मौका मिले अपने परिवार, दोस्तों या रिश्तेदारों के साथ मिलकर खुल कर हँसे।

प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाले फूड का उपयोग

यदि आपको अपनी सम्पूर्ण प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करना है तो तरबूज, गेहूं, पालक, दही, मीठे आलू, लहसुन, ब्रोकोली, अदरक, अनार का जूस आदि जैसे प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें।

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तरबूज में Glutathione होता है जो एक एंटीऑक्सिडेंट है। यह हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायता करता है। प्रतिरक्षा में बढ़ोत्तरी के लिए गेहूं की भी खपत की जा सकती है। यह एंटीऑक्सिडेंट्स, विटामिन B और जस्ता का बड़ा स्रोत है। गेहूं की जर्म में प्रोटीन से, एक प्रकार की स्वस्थ वसा और फाइबर का भी संयोजन होता है।

आशा है कि हमारी इस पोस्ट Immunity meaning in Hindi से आपको फायदा अवश्य होगा यदि आप हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट करके अपनी राय दे सकते हैं।

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