Immunity Meaning in Hindi | इम्युनिटी कैसे बढ़ायें?

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Immunity Meaning in Hindi – इम्युनिटी का मतलब होता है “शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता” यानि कि शरीर की वो अंदरूनी शक्ति जो आपको किसी भी बिमारी या वायरस से बचाती है उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति की इम्युनिटी ज्यादा है तो वह बिना किसी दवा के किसी भी बिमारी से लड़ सकता है और अपने आप को सुरक्षित रख सकता है

परन्तु ये जरूरी नहीं कि हरेक व्यक्ति की इम्युनिटी किसी दूसरे व्यक्ति के समान हो। Immunity का स्तर अलग-अलग हो सकता है किसी की ज्यादा तो किसी की कम। यदि आपके शरीर का इम्युनिटी स्तर कम है तो आपको बता दें इसमें चिंता की कोई बात नहीं, हम आपको कुछ ऐसे हर्ब के बारे में बताएगें जिनके निरंतर सेवन से आप अपनी Immunity आसानी से बढ़ा सकते हैं और किसी भी बिमारी से लड़ने के लिए स्वयं के शरीर को तैयार कर सकते हैं।

आशा है कि अब आपको Immunity का Hindi Meaning समझ आ गया होगा।

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि इस समय पूरा विश्व कोरोनावायरस से त्रस्त है, लाखों लोग इस वायरस से ​संक्रमित हैं और लाखों लोग इससे अपनी जान भी गंवा चुके हैं भारत में भी इसका प्रकोप लगातार जारी है। इसका कारण है कि कोरोनावायरस का अभी कोई ईलाज सामने नहीं आया है

पूरा विश्व कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन (टीका) बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। अब सवाल ये है कि कोरोना वायरस या अन्य बिमारियों से हम अपने आप को कैसे सुरक्षित करें? इसका आसान सा उत्तर है कि हमें स्वयं की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहिए अर्थात अपनी Immunity को बढ़ाना चाहिए।

कितनी प्रकार की होती है इम्युनिटी?
Immunity Meaning in Hindi

इम्युनिटी दो तरह की होती है इनेट और एडेटिव Immunity

1. इनेट इम्युनिटी: इस प्रकार की इम्युनिटी व्यक्ति को रोग से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है किन्तु ये लम्बे समय तक काम नहीं करती।

2. एडेटिव इम्युनिटी: ये हर प्रकार के रोगों से लड़ने में सहायता करती है और इसका असर लम्बे समय तक रहता है।

इम्युनिटी कम होने के क्या कारण हैं?

आपने कभी ये जरूर अनुभव किया होगा कि कुछ व्यक्ति अक्सर बीमार रहते हैं कभी ठीक तो अधिकतर बीमार। इसका कारण ये है कि उनका शरीर वायरस, जर्म्स या रोग फैलाने वाले कीटाणुओं से लड़ने में सक्षम नहीं है उनका immunity system कमजोर होता है इसलिए वे अधिकतर ​बीमार रहते हैं इम्युनिटी कम होने के कई कारण हैं जैसे:

तनाव:

आजकल की कार्यशैली बहुत तनाव भरी है किसी को आफिस में तनाव है तो किसी को घर में। यही तनाव हमारे immunity system को कमजोर बनाता है और हम किसी न किसी बीमारी की गिरफ्त में आसानी से आ जाते हैं इसलिए हमें अपने जीवन में तनाव से बचना चाहिए ताकि हमारा immunity system बरकरार रहे।

व्यायाम की कमी:

कई शोधों से ये बात साबित हुई है कि नियमित व्यायाम करने वाले लोगों की immunity अन्य व्यक्तियों से अधिक होती है। नियमित व्यायाम करने से न्यूट्रोफिल्स को काम करने में मदद मिलती है न्यूट्रोफिल्स बॉडी की वो सेल्स हैं जो कि हमारे शरीर के खतरनाक सूक्ष्मजीवों को मारने का कार्य करती है।

कम नींद लेना:

आपको बता दें कि जब हम सो रहे होते हैं उस समय भी हमारे शरीर के ब्लड सेल्स, इन्फेक्शन या रोग से लड़ रहे होते हैं चूंकि सोते समय हमारी शरीर की एनर्जी किसी दूसरे कार्य में खर्च नहीं होती और सारी की सारी एनर्जी रोग से लड़ने में लग जाती है। इसलिए डॉक्टर्स मरीज़ को आराम की सलाह देते हैं। इस तरह भरपूर नींद आपके शरीर के immunity system को मजबूत बनाती है।

पोषण की कमी:

संतुलित भोजन हमारी इम्युनिटी को बढ़ाता है अत: ये सुनि​श्चित करें कि भोजन में विटामिन, खनिज, पोषक तत्व, एंटीऑक्सीडेंट्स और सभी जरूरी तत्व उपस्थित हों। कुपोषण से हमारी इम्युनिटी कमजोर होती है।

धूम्रपान और शराब का सेवन:

धूम्रपान, तम्बाकू और शराब का सेवन immunity system के ठीक से काम करने में रूकावट डाल सकता है। जिससे आपका शरीर कई बिमारियों की गिरफ्त में आ सकता है, इसलिए धूम्रपान, तम्बाकू और शराब का त्याग करें और अपने आप को सुरक्षित करें।

हर्ब जो बढ़ाते हैं इम्युनिटी

कम इम्युनिटी वाले लोग इन हर्ब का सेवन करके, अपने immunity system को मजबूत कर सकते हैं और अनावश्यक रोगों से अपने आप को बचा सकते हैं।

सिटरस फ्रूट्स:

सर्दी जुकाम होने पर ज्यादातर लोग विटामिन C लेना शुरू कर देते हैं क्योंकि यह आपके immunity system को मजबूत करता है। विटामिन C से सफेद रक्त कोशिकाओं की बढ़ोत्तरी होती है जो संक्रमण से लड़ने में बहुत महत्वपूर्ण है। लगभग सभी खट्टे फलों में विटामिन C, अधिकतम मात्रा में पाया जाता है जैसे: संतरा, नींबू, अंगूर, किन्नू।

लहसुन:

दुनिया में लगभग हर व्यंजन में लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है। यह भोजन में थोड़ी सनसनाहट पैदा करता है और ये स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है। प्राचीन सभ्यताओं ने लहसुन को संक्रमण से लड़ने में मान्यता दी। लहसुन धमनियों को सख्त होने से बचाता है और ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है।

लहसुन में सल्फर युक्त यौगिक, जैसे एलिसिन भारी मात्रा में होता है जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

अदरक:

बीमार होने पर कुछ लोग अदरक का भी इस्तेमाल करते हैं अदरक, गले में खराश और सूजन संबंधी बीमारियों को कम करने में मदद कर सकता है। अदरक पुराने दर्द को भी कम कर सकती है। यहां तक कि इसमें कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाले गुण भी पाए जाते हैं।

हल्दी:

घरों में बनने वाली लगभग हर सब्जी या करी में हल्दी का इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी, पुराने ऑस्टियो आर्थराइटिस और rheumatoid गठिया दोनों के इलाज में वर्षों से उपयोग किया जाता रहा है। हल्दी से, व्यायाम या अन्य रोगों के कारण मांसपेशियों की क्षति को कम करने में मदद कर सकती है।

ग्रीन टी:

ग्रीन और ब्लैक टी दोनों में फ्लेवोनोइड, एक प्रकार का एंटीऑक्सिडेंट होता है जबकि ग्रीन टी में एक्जिलोकैटेचिन गैलेट (EGCG) का लेवल ज्यादा होता है जो कि एक और शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट है।

अध्ययनों से स्पष्ट हुआ है कि EGCG से प्रतिरक्षा क्षमता बढ़ती है। ब्लैक टी को उबालने के कारण कुछ EGCG नष्ट हो जाते हैं जबकि ग्रीन टी को स्टीम किया जाता है उसे उबाला नहीं जाता इसलिए उसमें EGCG काफी मात्रा में बचा रहता है। ग्रीन टी में एमिनो एसिड L-theanine भी पाया जाता है जो श​रीर की T कोशिकाओं में रोगाणुओ से लड़ने वाले यौगिकों को बढ़ाने में सहायता करता है।

ब्रोकली (हरी फलगोभी):

ब्रोकली में पर्याप्त मात्रा में विटामिन और खनिज पाए जाते हैं। इसमें विटामिन ए, सी, ई के साथ-साथ फाइबर और कई अन्य एंटीऑक्सिडेंट होते हैं, ब्रोकली सबसे ज्यादा हैल्दी सब्जियों में से एक है।

ब्रोकली में इतने ज्यादा गुण होने के कारण ये हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुपरचार्ज कर देती है।

आशा है कि हमारी इस पोस्ट Immunity meaning in Hindi से आपको फायदा अवश्य होगा इसके अतिरिक्त आप हमें कमेंट करके अपनी राय दे सकते हैं।

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