Green Tea ke Fayde |  ग्रीन टी के नुकसान और ये कब पीनी चाहिए

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चाय तो हर किसी को पसंद होती है लेकिन ये हमारे शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होती इस बीच ग्रीन टी (Green Tea) का चलन शुरु हुआ जिसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और पोषक तत्व पाये जाते हैं जो हमारे शरीर को फुर्ती देने के साथ–साथ वजन घटाने में भी काफी मददगार है लेकिन इसके कई नुकसान भी हैं जिनको भी ध्यान में रखना जरुरी है, नहीं तो ये हमारे शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकते हैं तो आज इस आर्टिकल में हम आपको ग्रीन टी के फायदे (Green Tea ke Fayde) और नुकसान बताने जा रहे हैं जिससे आप समझ सकें कि ग्रीन टी आपके लिए कितनी फायदेमंद हो सकती है या फिर आपको इसे कैसे सतर्कता के साथ पीना है तो आइये सबसे पहले जानते हैं ग्रीन टी पीने के फायदे।

Content: Green Tea Ke Fayde

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ग्रीन टी के फायदे (Green Tea ke Fayde)

ग्रीन टी हमारे शरीर के लिए कई तरह से उपयोगी है और ये कई प्रकार से हमारे स्वास्थ्य को लाभ प्रदान करती है, जैसे- वजन घटाने के लिए, हृदय के लिए, कैंसर और मधुमेह जैसी बीमारियों की रोकथाम में भी ग्रीन टी मददगार है। इन सब के अलावा डिप्रेशन के लक्षणों में सुधार करने में भी ग्रीन टी मदद करती है। तो आइये जानते हैं Green Tea ke Fayde हिन्दी में

Green Tea कैंसर की रोकथाम में लाभदायक

कैंसर की रोकथाम में Green Tea को असरकारक माना गया है नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ग्रीन टी में मौजूद पॉलीफेनॉल ट्यूमर को बढ़ने से कम करने में मदद करता है और पराबैंगनी UV विकिरण से होने वाली क्षति से सुरक्षा भी करता है।

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नोट: ग्रीन टी के फायदे और नुकसान केवल सामान्य जानकारी के लिए दिये जा रहे हैं किसी भी नुस्खे को प्रयोग करने से पहले अपने चिकिस्तक से सलाह अवश्य लें।

हृदय के लिए फायदेमंद है Green Tea

हमारे हार्ट के लिए भी ग्रीन टी को फायदेमंद माना गया है अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा किए गए एक अध्ययन में निष्कर्ष निकाला गया है कि ग्रीन टी मृत्यु दर को कम करती है और कार्डियोवैस्कुलर और इसके सभी कारणों को भी कम करती है। ऐसे में प्रश्न है कि ग्रीन टी कब कब पीनी चाहिए?

आपको बता दें कि एक रिसर्च के अनुसार हर रोज कम से कम 5 कप ग्रीन टी पीने वाले लोगों की तुलना में ग्रीन टी नहीं पीने वाले लोगों में ज्यादातर कार्डियोवैस्कुलर बीमारी से मरने का जोखिम ज्यादा रहता है। ग्रीन टी में मौजूद केचिन, पॉलीफेनोलिक का प्रयोग खासतौर पर कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर सुरक्षात्मक प्रभाव डालने के लिए किया जाता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करने में Green Tea ke Fayde

कोलेस्ट्रॉल कम करने में ग्रीन टी का उपयोग किया जाता है पेय रुप के साथ–साथ कैप्सूल के रूप में भी इसको लेने से ये कुल LDL और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में बहुत फायदेमंद है।

स्ट्रोक्स में ग्रीन टी के फायदे (Benefits of Green Tea)

स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में ग्रीन टी और कॉफी को मददगार माना जाता है। एक रिसर्च के अनुसार अगर आप अपनी लाइफस्टाइल में थोड़ा परिवर्तन करने के साथ–साथ ग्रीन टी को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो यह आपके स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

टाइप 2 डायबिटीज़ में Green Tea ke Fayde

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जापान में किए गए एक रिसर्च के अनुसार ग्रीन टी पीने वाले (Benefits of Green Tea) लोगों में टाइप 2 डायबिटीज़ का खतरा 42% तक कम होता है। रिसर्च से पता चलता है कि ग्रीन टी इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करके ब्लड शुगर के लेवल को कम कर सकती है।

वजन कम करने में Green Tea ke Fayde

ग्रीन टी, अधिक वजन और मोटापे से ग्रस्त लोगों को वजन घटाने में भी मदद करती है। ग्रीन टी मेटाबोलिज्म बढ़ाने के साथ–साथ कैलोरीज़ भी बर्न करती है जो वजन घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

त्वचा रोगों में ग्रीन टी (Green Tea ke Fayde for Skin)

कई रिसर्च में पाया गया है कि ग्रीन टी त्वचा रोगों (Skin Disease) जैसे सोरायसिस, डैंड्रफ आदि के उपचार में मदद करती है। शोधकर्ताओं ने अपने रिसर्च में त्वचा कोशिकाओं की सूजन और अधिक उत्पादन के कारण होने वाले ड्राई, लाल, चमकदार त्वचा के पैच शामिल किए थे, जिसमें ग्रीन टी के साथ इलाज करने पर इन त्वचा कोशिकाओं की धीमी वृद्धि का पता चला जो कोशिकाओं के लाइफ साइकल को कंट्रोल करता है।

याददाश्त बढ़ाने के लिए Green Tea ke Fayde

ग्रीन टी हमारी याददाश्त को बढ़ा सकती है। एक रिसर्च के निष्कर्ष के अनुसार ग्रीन टी न्यूरोसाइचिकटिक विकारों से जुड़ी बीमारी के इलाज में फायदेमंद है (Benefits of Green Tea) जैसे डिमेंशिया। इसके अलावा ग्रीन टी अल्जाइमर रोग के जोखिम को भी कम करने में मदद करती है। ग्रीन टी, डेंटल कैविटी, तनाव, पुरानी थकान से जुड़ी समस्याओं को भी दूर करने में मददगार है।

इम्युनिटी बढ़ाती है ग्रीन टी

ग्रीन टी में मौजूद केचिन हमारी इम्युनिटी (Immunity Meaning in Hindi) को बढ़ाने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। ये ऑक्सीडेंट्स और रेडिकल के खिलाफ सुरक्षा करती है जिससे इम्युनिटी में बढ़ोत्तरी होती है। ग्रीन टी में EGCG में रेगुलेटरी T सेल्स की संख्या में वृद्धि करने की क्षमता होती है और ये इम्युनिटी में सुधार करने और ऑटोम्यून्यून बीमारियों को दबाने में मदद करते हैं।

इन सब बीमारियों के अलावा कुछ अध्ययनों में निम्नलिखित प्रकार के कैंसर पर ग्रीन टी के सकारात्मक प्रभाव दिखाई दिए हैं जैसे- स्तन कैंसर, मूत्राशय का कैंसर, ओवेरियन कैंसर, कोलोरेक्टल कैंसर, एसोफेजियल (गले का कैंसर), फेफड़ों का कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, त्वचा का कैंसर, पेट का कैंसर। शोधकर्ताओं के अनुसार ग्रीन टी में पॉलीफेनॉल का उच्च स्तर, कैंसर कोशिकाओं को मारने में मदद करता है और उनको बढ़ने से रोकता है।

त्वचा के लिए ग्रीन टी (Green Tea ke Fayde for Skin)

हर कोई सुंदर ही दिखना चाहता है लेकिन कॉस्मेटिक उत्पादों का उपयोग करने से केमिकल हमारे चेहरे को नुकसान पहुंचाते है यही वजह है कि लोग प्राकृतिक उत्पादों का उपयोग करना ज्यादा पसंद करते हैं जिनमें से एक है ग्रीन टी। जिसको अपनी दिनचर्या में शामिल करने से आपकी त्वचा पर चमक आ जाएगी।

ग्रीन टी में एंटीऑक्सिडेंट, पॉलीफेनोल, ईसीजीसी, विटामिन ई, B2 आदि पाए जाते हैं जो स्वस्थ त्वचा के लिए बहुत अच्छे माने जाते हैं। तो आइये जानते हैं कि आप कैसे इसका इस्तेमाल करके आप अपनी स्किन समस्याओं को दूर कर सकते हैं।

त्वचा कैंसर का जोखिम कम करना

Green Tea में पॉलीफेनोल्स पाए जाते हैं जो एक औषधीय एजेंट के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं और त्वचा को UV किरणों से बचाने में मदद करते हैं और DNA की क्षति से भी लड़ते हैं जो नॉनमेलानोमा त्वचा के कैंसर के उपचार और फोटोजिंग में भी मददगार होते हैं।

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पिम्पल्स में ग्रीन (Green Tea ke Fayde Face ke Liye)

मिट्टी और पसीने से चेहरे की स्किन पर पिम्पल्स होने लगते हैं। इससे छुटकारा पाने के लिए पानी में ग्रीन टी उबालें और ठंडा होने पर उसमें 2 चम्मच दही मिलाकर पेस्ट की तरह बना लें और अपने चेहरे पर लगाएं। इससे पिम्पल्स दूर हो जाएंगे।

स्किन एजिंग को स्लो करती है

हर किसी को अपनी बढ़ती उम्र को दिखाना अच्छा नहीं लगता लेकिन अगर आप भी अपनी उम्र छुपाना चाहते हैं तो ग्रीन टी को ठंडा करके उसमें नींबू का रस मिलाएं और रात को सोने से पहले इस मिश्रण को अपने चेहरे पर लगा लें (Green Tea Benefits) और सुबह ठंडे पानी से धो लें। कुछ रिसर्च में पता चला है कि त्वचा पर ग्रीन टी का अर्क लगाने से यह लोचदार हो जाती है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को स्लो कर देती है।

सनबर्न से सुरक्षा देती है ग्रीन टी

सनस्क्रीन लगाने पर भी अगर आपके चेहरे से सनबर्न की दिक्कत खत्म नहीं होती तो नहाने के पानी में चाय की पत्ती डालकर नहाएं। इससे आपको सनबर्न से होने वाली जलन, खुजली से राहत मिलेगी।

ऑयली स्किन के लिए ग्रीन टी

ग्रीन टी कंपाउंड ईसीजीसी एंटी-एड्रीनर्जिक होता है जो त्वचा में तेल उत्पादन को कंट्रोल करता है।

स्किन प्रोटेक्टर ग्रीन टी

ग्रीन टी में एंटी-एजिंग एलिमेंट्स होने के साथ ही ग्रीन टी में एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी-इन्फ्लामेंटरी एलिमेंट्स भी हैं जिसकी वजह से यह स्किन को प्रोटेक्ट करती है।

त्वचा की जलन रोकती है ग्रीन टी

ग्रीन टी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों की भरपूर मात्रा होती है जो त्वचा में होने वाली जलन, लालिमा और सूजन को कम करने में मदद करती है।

आंखों की सूजन करे कम

Green Tea आपकी आंखों की सूजन और थकान को भी मिनटों में दूर कर सकती है इसके लिए आपको ज्यादा मशक्कत करनी नहीं होगी। बस दो टी बैग्स को हल्के गर्म पानी में गीला करके 15 मिनट के लिए आंखों पर रख लीजिए। इससे आपकी आंखों में होने वाली जलन और सूजन कम हो जाएगी। इसके अलावा ग्रीन टी बैग से डार्क सर्कल भी खत्म होते हैं।

पैरों की बदबू का इलाज

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ग्रीन टी की महक स्ट्रॉन्ग होती है जिसका आप अपने पैरों की दुर्गंध को भी दूर करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए इस्तेमाल की हुई Green Tea को पानी में डाल दें और उसमें अपने पैरों को 20 मिनट के लिए डालकर रखें। इससे चाय आपके पैरों के पसीने को सोखकर दुर्गन्ध को खत्म कर देगी।

हेल्दी स्किन बनाए रखती है ग्रीन टी

Green Tea में विटामिन ई और विटामिन B2 होता है जो त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। विटामिन B2 त्वचा को जवां बनाए रखने में मदद करता है, वहीं विटामिन ई त्वचा की नई कोशिका को विकसित करने में मदद करता है।

तो अब तक हमने जाना Green Tea ke Fayde लेकिन जैसा कि हमने आपको पहले बताया था कि ग्रीन टी के नुकसान भी बहुत हैं तो आइये अब जानते हैं इसके नुकसान (Side Effects of Green Tea)

ग्रीन टी के नुकसान (Side Effects of Green Tea)

Green Tea ke Fayde

अगर आप ग्रीन टी काफी अधिक मात्रा में पीते हैं तो ये आपके स्वास्थ्य को काफी नुकसान भी पहुंचा सकती है। हालाँकि वयस्कों के लिए ग्रीन टी के दुष्प्रभाव बहुत कम होते हैं लेकिन बच्चों में इसके दुष्प्रभाव ज्यादा होते हैं। जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जो इस प्रकार है:

ब्लड थिनर्स लेने वाले ग्रीन न लें

जो लोग ब्लड थिनर्स जैसे कौमामिन/वार्फिनिन लेते हैं उन्हें ग्रीन टी पीने में सावधानी बरतनी चाहिए और ग्रीन टी के साथ एस्पिरिन से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है क्योंकि ये दोनों ही प्लेटलेट्स की गठबंधन प्रभावशीलता को कम करते हैं।

कैफीन संवेदनशील इसका प्रयोग न करें

कैफीन के लिए गंभीर संवेदना वाले लोगों में अनिद्रा, चिड़चिड़ाहट, चिंता, जी मिचलाना या पेट में परेशानियों का अनुभव हो सकता है। इसलिए ग्रीन टी से परहेज़ करें।

उत्तेजक दवाओं के साथ ग्रीन टी वर्जित

यदि कोई व्यक्ति उत्तेजक दवाओं का इस्तेमाल करता है तो उसे ग्रीन टी से परहेज़ करना चाहिए। उत्तेजक दवाओं के साथ ग्रीन टी लेने पर ये ब्लड प्रेशर और हृदय गति में वृद्धि कर सकती है।

पाचन तंत्र पर प्रभाव

ग्रीन टी में कैफीन भी होता है और इसके सेवन ज्यादा करने पर ये आपके पाचन तंत्र पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। जिससे हमारा पेट भी खराब हो सकता है। इसके अलावा एसिडिटी की समस्या से जूझने वाले लोगों को भी ग्रीन टी नहीं पीनी चाहिए।

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गर्भावस्था में ग्रीन टी निषेध

ग्रीन टी में कैफीन होता है, इस वजह से गर्भवती महिलाओं को दिनभर में 2 बार से अधिक ग्रीन टी का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि इसका ज्यादा सेवन मां और बच्चे दोनों की सेहत पर बुरा प्रभाव डाल सकता है।

एनीमिया और मोतियाबिंद के रोगी

ग्रीन टी में मौजूद कैफीन के कारण एनीमिया और मोतियाबिंद के रोगियों को ग्रीन टी नहीं पीनी चाहिए। एनीमिया के कारण हमारे ब्लड में हीमोग्लोबिन और आयरन की मात्रा कम हो जाती है और अगर पहले से ही आयरन की कमी हो तो ग्रीन टी पीने से बचना चाहिए। ग्रीन टी का सेवन करने से मोतियाबिंद बढ़ सकता है इसलिए भी मोतियाबिंद वाले रोगियों को ग्रीन टी नहीं पीना चाहिए।

इन सबके अलावा ग्रीन टी का सेवन स्तनपान कराने वाली माताओं, हृदय की समस्या, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी, लिवर की समस्या, पेट के अल्सर या चिंता विकारों की समस्याओं से जूझ रहे लोगों को भी नहीं करना चाहिए।

ग्रीन टी कब कब पीना चाहिए?

इस आर्टिकल Green Tea ke Fayde में अब तक आपने ग्रीन टी के फायदों और नुकसान के बारे में जाना तो अब हम आपको इसे सही समय और सही तरीके से पीने के बारे में बताने जा रहे हैं जिससे ग्रीन टी आपके लिए बस फायदेमंद ही साबित हो और आपको इससे कोई नुकसान ना हो। तो आइये जानते हैं ग्रीन टी कब कब पीना चाहिए?

  • खाली पेट ग्रीन टी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • खाना खाने से 2-3 घंटे पहले ग्रीन टी पीना चाहिए।
  • खाना खाने के बाद ग्रीन टी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कभी भी ग्रीन टी में दूध और चीनी न मिलायें।
  • शहद के साथ ग्रीन टी का सेवन काफी फायदेमंद होता है तो इन दोनों को एक साथ पियें।

ग्रीन टी पीने से कितने दिन में वजन कम होता है?

ग्रीन टी में मौजूद केचिन कंपाउंड वजन कम करने में मदद करता है। रिसर्च में पाया गया है कि अगर आप 20 दिन में अपने वजन में फर्क देखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको रोजाना 3 कप ग्रीन टी पीना होगा और इसके अलावा आपको अनहेल्दी फूड्स का सेवन बंद करने के अलावा एक्सरसाइज भी करनी होगी।

सबसे अच्छी ग्रीन टी कौन सी है?

मार्केट में कई ब्रांड की ग्रीन टी मौजूद है जिसमें खराब और सर्वश्रेष्ठ के बीच अंतर करना मुश्किल है। तो अगर आप नहीं समझ पा रहे हैं कि कौन सा ग्रीन टी अच्छा है तो कुछ अच्छे ग्रीन टी ब्रांड और इनके नाम नीचे दिए गए हैं। नीले रंग में लिखीं गई कम्पनी की ग्रीन टी आप डिस्काउंट पर ऑनलाईन खरीद सकते हैं।

ग्रीन टी कितने महीने तक पीना चाहिए?

वैसे तो हेल्दी रहने के लिए आपको रोज ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए लेकिन 3 महीने तक लगातार ग्रीन टी पीने से आपके वजन, स्किन और बालों पर काफी असर पड़ता है।

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1 महीने में 5 किलो वजन कैसे कम करें?

1 महीने में 5 किलो वजन कम करने के लिए आपको दिन में 3 बार ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा हेल्दी डाइट लेनी होगी। जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक इत्यादि से दूर रहना होगा और डेली एक्ससाइज करना होगा।

तेजी से वजन कैसे घटाएं?

तेजी से वजन घटाने के लिए आपको Green Tea लेनी चाहिए और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनानी होगी। हेल्दी खाना लेना होगा और हर रोज एक्सरसाइज करनी होगी।

वजन कम करने के लिए ग्रीन टी कैसे पिएं?

वजन कम करने के लिए पहले किसी बर्तन में पानी उबाल लें और फिर उसे 5 मिनट ठंडा होने दें। अब इसमें ग्रीन टी की पत्तियां या टी बैग डालकर हिलाएं। जब ग्रीन टी बन जाए तो इसमें से पत्तियां या फिर टी बैग निकालकर इसका सेवन करें।

खाना खाने के कितनी देर बाद ग्रीन टी पीनी चाहिए?

भोजन से 1 घंटा पहले या भोजन के 1-2 घंटे बाद ही ग्रीन टी पिएं। भोजन के 1 से 2 घंटे बाद ग्रीन टी पीने से भोजन का पाचन अच्छा होता है और शरीर को पर्याप्त भोजन ऊर्जा मिलती है।

सुबह खाली पेट ग्रीन टी पीने से क्या होता है?

वजन कम करने के लिए सुबह के समय खाली पेट ग्रीन टी पीने से बॉडी डिटॉक्स होती है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है। लेकिन सुबह खाली पेट पी गई ग्रीन टी हर किसी को डाइजेस्ट नहीं होती और ऐसा करने से कुछ लोगों को ऐसीडिटी की परेशानी भी हो सकती है।

क्या खाना खाने के बाद ग्रीन टी पी सकते हैं?

ग्रीन टी का सेवन भोजन से दो घंटे पहले और भोजन के दो घंटे बाद कर सकते हैं। भोजन के बीच में ग्रीन टी का सेवन करने से पोषक तत्वों का सेवन कम हो जाएगा और आपके भोजन से मिलने वाले आयरन और मिनरल्स का अवशोषण बाधित हो जाएगा।

ग्रीन टी चेहरे पर कैसे लगाएं?

दो ग्रीन टी बैग्स को काटकर उसको खाली करें और अब इसमें 2 चम्मच शहद, थोड़ा नींबू का रस डालकर अच्‍छी तरह से मिला लें। अब इस तैयार पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर 10 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें। ये आपके चेहरे से दाग–धब्बों को खत्म करता है और आपको ग्लोइंग स्किन देता है।

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आशा है आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी Green Tea ke Fayde हिन्दी में अच्छी तरह समझ आ गऐ होंगे। यदि आपको हमारा आर्टिकल पसन्द आया हो या आप इसमें कुछ बदलाव करना चाहते है तो कृपया नीचे दिये कमेंट बॉक्स में हमें कमेंट अवश्य करें।

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