Ajab Gajab News Kanpur: जिंदा समझ डेढ़ साल तक घर में रखा शव, मृत्यु को नहीं किया स्वीकार

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कानपुर, शुक्रवार 23 सितंबर 2022 को उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक अजीबो गरीब (Ajab Gajab News Kanpur) खबर सामने आई जिसमें एक परिवार ने अपने परिजन की मृत्यु को स्वीकार नहीं किया और उसका शव डेढ़ साल तक अपने घर में रखा। इस खबर के सामने आने के बाद आस-पास के लोग हैरान रह गऐ। इस मामले की खबर पुलिस को मिलते ही शव को LLR अस्पताल भेज दिया गया।

22 अप्रैल 2021 को हुई थी मौत (Ajab Gajab News Kanpur)

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कोरोना काल में आयकर विभाग में कार्यरत, विमलेश दीक्षित की मृत्यु 22 अप्रैल 2021 को हो गई थी। उस समय पर ही डॉक्टरों ने विमलेश दीक्षित की मौत की पुष्टि करते हुए मृत्यु प्रमाणपत्र भी जारी कर दिया था लेकिन उनके परिवार को इस बात पर भरोसा नहीं हुआ और वे शव को किसी अन्य अस्पताल में भी लेकर गऐ। दूसरे अस्पताल में भी उन्हे मृत ही बताया। दो अस्पताल के द्वारा मृत्यु की पुष्टि के बावजूद, उनके परिवार वाले मृत शरीर को घर लेकर आए (Ajab Gajab News Kanpur) और इसका अंतिम संस्कार नहीं किया। शव को डेढ़ साल तक घर पर ही रखा।

रोजाना शव पर गंगाजल का छिड़काव

परिवार ने, न केवल शव को ही घर पर रखा ​बल्कि उनकी पत्नी को भी ये विश्वास दिलाया कि विमलेश दीक्षित अभी भी जिंदा हैं और तो और शव पर रोज़ाना गंगा जल भी डाला जाता रहा ताकि शव के जिंदा होने का दावा बना रहे। शुक्रवार 23 सितंबर 2022 के दिन जब ये खबर आस-पास के लोगों पता चली तो उनके आश्चर्य (Ajab Gajab News Kanpur) का ठिकाना नहीं रहा। खबर फैलते ही पुलिस जब घर में दाखिल हुई तो बड़ा हंगामा खड़ा हो गया। परिवार ने शव को नहीं ले जाने की बात कही और कहा कि इनकी पत्नी की हालत ठीक नहीं है।

डेढ़ साल बीत जाने पर शव की हालत काफी ज्यादा खराब है जिसे देख पाना भी मुश्किल है। पुलिस के अनुसार, विमलेश दीक्षित की पत्नी की मनोदशा सही नहीं है इसलिए शव को घर से ले जाने के लिए, स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कहा गया कि उनकी तबीयत खराब है इसलिए उन्हे अस्पताल ले जाना होगा।

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पड़ोसी, विमलेश की मौत से अनभिज्ञ

विमलेश की मौत की जानकारी पड़ोसियों को भी नहीं थी। पुलिस की पूछताछ में पड़ोसियों ने बताया कि उन्हे ये मालूम था कि विमलेश कौमा में हैं। पड़ासियों के अनुसार, परिवार द्वारा प्रतिदिन आक्सीजन सिलेंडर भी लाया और ले जाया जाता था इसलिए उन्हे इस बात का कोई शक नहीं हुआ कि घर में मृत शव रखा हुआ है। यदि उन्हे पता होता वे पुलिस को सूचित अवश्य करते।

CMO डॉ. आलोक रंजन के अनुसार, आयकर विभाग के कर्मचारी की मृत्यु प्रमाणित नहीं होने के कारण पेंशन का निर्धारण नहीं हो रहा था। इस पर आयकर विभाग ने CMO द्वारा जांच की रिपोर्ट पेश करने का आग्रह किया। तत्पश्चात रिपोर्ट तैयार करने के लिए 3 सदस्यों की टीम बनाई गई लेकिन परिवार की ओर से इसका विरोध करने पर पुलिस को बुलाया गया और ये सामने आया कि कर्मचारी की मौत डेढ़ वर्ष से हो चुकी है। फिलहाल रिपोर्ट का आना अभी बाकी है।

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