यदि आप भी कराते हैं सलून में सिर की मालिश तो ये जानकारी बचा सकती है आपकी जान

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अपने देश में हेयर कट और शेविंग के बाद गर्दन मसाज करवाना या सिर पर मालिश करवाना बहुत आम बात है जिसमें नाई मसाज के दौरान गर्दन को बाएँ से दाएँ या दाएँ से बाएँ झटकता है. कई बार गर्दन से चटकने कि आवाज़ भी आती है जो उस वक़्त काफी रिलेक्सिंग लगता है. लेकिन कई बार ऐसा भी देखा गया है कि नाई द्वारा की गई मसाज व्यक्ति को ज़िन्दगी भर के लिए लाचार बना देती है. ऐसे भी मामले सामने आये है जिसमें व्यक्ति कोमा में भी पहुंच जाता है.

मसाज से गर्दन की हड्डियां चोटिल होने का खतरा

डॉक्टर्स के अनुसार गर्दन की मालिश बेहद ही खतरनाक हो सकती है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गर्दन में 7 हड्डियां होती हैं, मालिश के दौरान आवाज लाने के चक्कर में इन्हें ताकत लगाकर झटकाया (Neck Crack) जाता है और मसला भी जाता है जो इन हड्डियों के लिए काफी हानिकारक साबित होता है. कई बार इन्हें चटकाया जाता है जिससे इनके अंदर से जा रही कशेरूकी धमनी (Vertebral Artery) फट सकती है जिसके कारण शरीर का निचला हिस्सा काम करना भी बंद कर सकता है. कई बार लोगों को इससे लकवा भी हो जाता है.

Vertebral Artery
Source : researchgate.com

क्या है अजय कुमार का मामला

ऐसा ही एक मामला 2017 में दिल्ली से सामने आया था. अजय कुमार नाम के व्यक्ति ऐसे ही सलोन से बाल-दाढ़ी कटवाने के बाद गर्दन की मसाज करवाई. उस वक़्त उन्हें काफी अच्छा महसूस हुआ लेकिन घर आते ही उन्हें सांस लेने में समस्या होने लगी. अजय कुमार डॉक्टर के पास गए तो डॉक्टर्स ने काफी सारे टेस्ट किये लेकिन कुछ सामने नहीं आया.

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जब डॉक्टर्स ने बारीकी से निरिक्षण किया तो पाया कि अजय कुमार को पैराडॉक्सिकल ब्रीदिंग पैटर्न (Paradoxical Breathing Pattern) था. उनकी चेस्‍ट फैलने की बजाय अंदरूनी रूप से बढ़ रही थी. चेस्ट के इस असामान्य मोमेंट के कारण ही अजय कुमार का ब्रीदिंग पैटर्न बुरी तरह प्रभावित हो रहा था और उनका ब्लड ऑक्सीजन लेवल भी कम हो रहा था.

इसके बाद में डॉक्टर्स ने जब पैराडॉक्सिकल ब्रीदिंग (Paradoxical Breathing Pattern) होने की वजह जानने के लिए न्यू‍रोलोजिकल टेस्ट किया तो पाया कि अजय कुमार की फ्रेनिक नस को काफी नुकसान पहुंचा था, जिस वजह से अजय कुमार को सांस लेने में बेहद तकलीफ हो रही थी. आपको बता दें कि फ्रेनिक नस, डायाफ्राम को कंट्रोल करती है. तेज झटका लगने से डायाफ्राम तंत्रिका को नुकसान पहुंच सकता है.

मेदांता अस्‍पताल के रेस्पेरेटरी एंड स्लीप मेडिसिन के डायरेक्टर डॉक्‍टर आनंद जायसवाल ने बताया कि अजय के डायाफ्राम को लकवा मार गया है और अब उन्‍हें अपनी पूरी जिंदगी वेंटिलेटर पर रहना होगा क्‍योंक यह नस अपने आप ठीक नहीं हो पाती है. उनके मुताबिक “हेयर कट के बाद नाई, गर्दन की मसाज और नेक क्रैक करते हैं उससे गर्दन के जोड़ों, आसपास के टिश्‍यू, मांसपेश‍ियों और नसों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है. यहां तक कि डायाफ्राम को लकवा भी हो सकता है.”

Source : TOI

जानलेवा भी हो सकती है गर्दन की मालिश

डॉक्टर के मुताबिक अगर टिश्यू हल्के से झटके गऐ हैं तो वे जल्द ही खुद-ब-खुद ठीक हो जाते हैं लेकिन कुछ मामलों में सर्जरी तक करनी पड़ सकती है. गर्दन को शार्प तरीके से लेफ्ट या राइट झुकाने से आर्टरी डैमेज होने के कारण, मरीजों को ब्रेन सेल्स की समस्याओं के लिए कैरोप्रैक्टिक थेरेपी तक लेनी पड़ सकती है. कई बार समस्या बढ़ने पर मौत भी हो सकती है.

ऐसी घटना आपके साथ भी हो सकती है अगर आप भी बाल कटवाने के बाद मसाज़ करवाने का शौक रखते हैं और आप इस हादसे का शिकार न हो जाए उससे पहले नाई से गर्दन की मालिश करवाना बंद कर दीजिये. क्यूंकि चंद मिनटों का रिलैक्स, ज़िन्दगी भर के पछतावा में बदल सकता है.

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