Green Crackers for Diwali: ग्रीन पटाखे क्या हैं? कैसे करें असली और नकली की पहचान

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नई दिल्ली, Green Crackers for Diwali: देश में मनाये जाने वाले सबसे बड़े त्यौहारों में से एक दीवाली का त्यौहार, पूर देश में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। देश ही नहीं बल्कि विदशों में रहने वाले भारतीय भी इस त्यौहार को खूब शानदार तरीके से मनाते हैं। दीवाली की शुरूआत 2 दिन पहले ‘धनतेरस’ के साथ ही हो जाती है और दीवाली के आते-आते सब लोग अपने घरों को साफ-सुथरा बना लेते हैं।

लोग अपने घरों को लाइटों से सजाते हैं, रंगोली बनाई जाती है और भगवान गणेश और श्री माता लक्ष्मी जी की पूजा अर्चना की जाती है। दीवाली पर पटाखे जलाने की परंपरा कई सौ सालों से चली आ रही है लेकिन मौजूदा समय में प्रदूषण को देखते हुए कई शहरों में पटाखे जलाने की अनुमति नहीं दी जाती और कई जगह ग्रीन पटाखों को फोड़ने की ही अनुमति दी जाती है।

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ग्रीन पटाखे क्या हैं? (Green Crackers for Diwali)

मौजूदा समय में प्रदूषण की समस्या के मद्देनज़र कई क्षेत्रों में पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। ​किसी शहर में निश्चित समय के लिए पटाखे जलाने की अनुमति दी गई है, कहीं ग्रीन पटाखों (Green Crackers for Diwali) के इस्तेमाल को मंजूरी दी गई तो किसी शहर में किसी भी प्रकार के पटाखे फोड़ने पर प्रतिबंध लगाया है।

बात करें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तो, यहां किसी भी प्रकार के पटाखे जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। दिल्ली में पटाखे जलाने पर 200 रूपये का जुर्माना और 6 महीने तक की जेल भी हो सकती है।

यदि आपके शहर में ग्रीन पटाखे (Green Crackers for Diwali) जलाने की अनुमति है तो आईये हम आपको बताते हैं कि ग्रीन पटाखे क्या हैं? और आप असली ग्रीन पटाखे कैसे पहचान सकते हैं। सबसे पहले आपको बता दें कि चाहे पारंपरिक पटाखे हों या ग्रीन पटाखे, प्रदूषण तो दोनों प्रकार के पटाखों से होता है बस फर्क इतना है कि ग्रीन पटाखे 30% कम प्रदूषण करते हैं। ग्रीन पटाखे में खतरनाक बेरियम नाइट्रेट नहीं होता है औ वे धूल को अवशोषित भी करते हैं। ग्रीन पटाखों में जहरीली धातुओं का इस्तेमाल काफी कम किया जाता है।

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ग्रीन पटाखों की पहचान (Diwali Green Crackers)

अब बात आती है कि कौन से पटाखें पारंपरिक हैं और कौन से ग्रीन? ग्रीन पटाखों को 3 श्रेणियों में बांटा गया है, SWAS, SAFAL और STAR. इन श्रेणियों को वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने विकसित किया है। SWAS ग्रीन पटाखे में (Safe Water Releaser) पानी की बूंदे होती हैं जो फटने के बाद भाप बनकर बाहर निकलती है जिससे पटाखों से निकलने वाली धूल दब जाती है।

ग्रीन पटाखों का दूसरा प्रकार STAR (Safe Thermite Cracker) है। इसमें पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर नहीं होते। इसमें चिंगारी कम निकलती है और इसकी आवाज़ भी पारंपरिक पटाखों से कम होती है।

ग्रीन पटाखों का तीसर प्रकार SAFAL (Safe Minimal Aluminium) है जिसमें एल्यूमिनियम का कम से कम प्रयोग किया जाता है। एल्यूमिनियम के स्थान पर मैग्नीशियम को उपयोग में लाया जाता है। इन पटाखों में भी आवाज़ कम होती है।

कहां से लें ग्रीन पटाखे (Green Crackers Online)

यदि आप ग्रीन पटाखे (Green Crackers for Diwali) खरीद रहे हैं तो हमारी सलाह है कि किसी भी लोकल बाज़ार या पटरी पर बिकने वाले पटाखे नहीं लें या आपको वहीं से ग्रीन पटाखे लेने चाहिए जिनके पास ग्रीन पटाखे बेचने का लाइसेंस हो क्योंकि बाज़ार में आपको नकली पटाखे भी मिल सकते हैं।

पटाखे चलाते समय सभी सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे, बच्चों के साथ बड़ों का होना, पटाखे जलाते समय उचित दूरी बनायें, भीड़ से दूर और खुली जगह पर पटाखें चलाऐं, पानी की बाल्टी तैयार रखें और ढ़ीले एवं सिंथेटिक कपड़े नहीं पहनें। आप चाहें तो ग्रीन पटाखे ऑनलाइन भी ले सकते हैं। बताये गये निर्देशों को ध्यान में रखते हुए आप यहां Green Crackers Online खरीद सकते हैं।

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