World Wildlife Day पर पीएम मोदी ने गिर पार्क में की महत्वपूर्ण घोषणा!
नई दिल्ली, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों गुजरात के दौरे पर हैं और उन्होंने सोमवार को World Wildlife Day के मौके पर गिर नेशनल पार्क में जंगल सफारी का आनंद लिया। यह सफारी न केवल एक पर्यावरणीय गतिविधि थी, बल्कि इसमें वन्यजीवों के संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। आइए जानते हैं इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किए गए कुछ महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में।
प्रधानमंत्री मोदी का गिर नेशनल पार्क दौरा
सोमवार को पीएम मोदी ने गिर नेशनल पार्क का दौरा किया और यहां जंगल सफारी पर निकले। यह सफारी विशेष रूप से World Wildlife Day के अवसर पर आयोजित की गई थी। पीएम मोदी के साथ इस सफारी पर कुछ मंत्री और वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने गिर पार्क की जैव विविधता और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयासों की जानकारी ली।
पीएम मोदी ने रविवार रात गिर नेशनल पार्क में स्थित राज्य वन विभाग के गेस्ट हाउस “सिंह सदन” में रात्रि विश्राम किया और फिर सोमवार सुबह जंगल सफारी पर निकले। इससे पहले, रविवार शाम को पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की और भगवान सोमनाथ का आशीर्वाद लिया।
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की बैठक
पीएम मोदी ने गिर नेशनल पार्क के मुख्यालय “शासन गिर” में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की बैठक की अध्यक्षता भी की। इस बोर्ड में कुल 47 सदस्य होते हैं, जिनमें विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधि, एनजीओ के प्रतिनिधि, वन्यजीव अधिकारी और राज्यों के सचिव शामिल होते हैं। इस बैठक में देश के वन्यजीवों के संरक्षण और विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद पीएम मोदी ने गिर नेशनल पार्क की महिला कर्मचारियों से भी मुलाकात की और उनके योगदान की सराहना की। यह मुलाकात विशेष रूप से महिला कर्मचारियों को प्रेरित करने और उनके कार्यों को मान्यता देने के लिए महत्वपूर्ण थी।
एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए 2900 करोड़ रुपये का फंड
प्रधानमंत्री मोदी के इस दौरे के दौरान एशियाई शेरों के संरक्षण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई। केंद्र सरकार ने गिर नेशनल पार्क में एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए 2900 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया है। इस फंड का इस्तेमाल शेरों के संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाओं में किया जाएगा, जैसे उनके आवास की सुरक्षा और शिकारियों से बचाव की व्यवस्था।
गिर नेशनल पार्क के आसपास के 9 जिलों और 53 तालुकों में फैले 30,000 किलोमीटर क्षेत्र में एशियाई शेरों की उपस्थिति है। इसके अलावा, सरकार न्यू पिपलिया में वन्यजीवों के लिए एक नेशनल रेफरल सेंटर भी बना रही है, जिससे शेरों और अन्य वन्यजीवों का संरक्षण और ट्रैकिंग किया जा सके।
वन्यजीवों के संरक्षण में भारत का योगदान
पीएम मोदी ने इस अवसर पर कहा कि हमें इस धरती की जैव विविधता और वन्यजीवन को बचाने की दिशा में और अधिक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “आज विश्व वन्यजीव दिवस के अवसर पर हम इस धरती की अतुल्य जैव विविधता के संरक्षण के अपने समर्पण को दोहराएं।” पीएम मोदी ने यह भी कहा कि “हर प्रजाति की इसमें अहम भूमिका है और हमें इन प्रजातियों के भविष्य की रक्षा करनी चाहिए। हमें वन्यजीवन को बचाने में भारत के योगदान पर गर्व होना चाहिए।”