नई दिल्ली, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए खेलते हुए जितेश शर्मा ने न सिर्फ अपने खेल को निखारा है, बल्कि मानसिक तौर पर भी एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में खुद को ढाला है। पिछले सीजन की मेगा नीलामी में उन्हें 11 करोड़ रुपये में खरीदा गया था। इतनी बड़ी कीमत के साथ उम्मीदें भी बड़ी थीं, लेकिन जितेश ने दिखा दिया कि वो इस जिम्मेदारी के लायक हैं।
मेंटरशिप का जादू: Dinesh Karthik की अहम भूमिका
जितेश ने इस बात का खुलासा किया कि उनके विकास में सबसे बड़ा हाथ RCB के सीनियर खिलाड़ी और मेंटर Dinesh Karthik का है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “मुझे आखिरकार कोई ऐसा मिला जिससे मैं जुड़ सकता हूँ। डीके अन्ना (दिनेश कार्तिक) मेरी सोच को समझते हैं, क्योंकि उन्होंने भी वही रास्ता तय किया है जो मैं कर रहा हूँ।”
Dinesh Karthik के साथ बातचीत से उन्हें न सिर्फ तकनीकी सलाह मिली बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ा। दोनों ही खिलाड़ी विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं और मध्य क्रम में खेलते हैं – एक ऐसी स्थिति जहां संयम और आक्रामकता दोनों का संतुलन जरूरी होता है।
मानसिकता और तकनीक में बड़ा बदलाव
जितेश बताते हैं कि पहले उनके कोच पारंपरिक तरीकों से खेलने की सलाह देते थे, जिससे वह अपने नैचुरल गेम को खुलकर नहीं खेल पाते थे। “मेरी ताकत हमेशा ‘वी’ में हिट करने की रही है, लेकिन डीके ने मुझे मेरी हाथों की नैचुरल मूवमेंट को इस्तेमाल करने की सलाह दी। इससे मेरा आत्मविश्वास काफी बढ़ा है,” उन्होंने कहा।
आंकड़े भले छोटे हों, असर बड़ा है
जितेश के इस सीजन में 8 मैचों में 101 रन भले ही किसी को सामान्य आंकड़े लगें, लेकिन ये रन उन्होंने ऐसे मौकों पर बनाए हैं जब टीम को उनकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी। और ये वही समय था जब दिनेश कार्तिक की गाइडेंस उनके साथ खड़ी थी।
“यह तो बस शुरुआत है”: आत्मविश्वास से लबरेज जितेश
“मेरी सोच सिंपल है—अगर सुधार का मौका है, तो उसे अपनाना चाहिए। डीके को मुझ पर भरोसा है, और अब मुझे भी खुद पर भरोसा होने लगा है,” जितेश ने कहा। वह मानते हैं कि उन्होंने अभी अपनी पूरी क्षमता को नहीं छुआ है, लेकिन जो रास्ता उन्होंने चुना है, वो उन्हें ज़रूर कामयाबी की ऊँचाइयों तक ले जाएगा।