Narayana Murthy के सुझाव ने बढ़ाया विवाद, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
नई दिल्ली, इंफोसिस के सह-संस्थापक एन. आर. Narayana Murthy ने हाल ही में सीएनबीसी ग्लोबल लीडरशिप समिट में अपने 70 घंटे के कार्य सप्ताह के विचार को साझा किया। उनका मानना है कि भारत की आर्थिक प्रगति को तेज करने के लिए कर्मचारियों को अधिक घंटे काम करना चाहिए। उन्होंने यह सुझाव देते हुए कहा कि यदि भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी है, तो मेहनत और समर्पण के साथ काम के घंटे बढ़ाने की जरूरत है।
सोशल मीडिया पर नारायण मूर्ति की टिप्पणियों की आलोचना
Narayana Murthy के इस विचार को सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली। जहां कुछ लोग इसे भारत के विकास के लिए जरूरी कदम मानते हैं, वहीं कई ने कार्य-जीवन संतुलन और कर्मचारियों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। आलोचकों का मानना है कि इतने लंबे कार्य घंटे तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ावा दे सकते हैं।
जनवरी 2025 से इंफोसिस कर्मचारियों के लिए वेतन वृद्धि
इस बीच, इंफोसिस ने जनवरी 2025 से अपने भारतीय कर्मचारियों के लिए 6-8 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि की घोषणा की है। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी जयेश संघराजका ने बताया कि यह वेतन संशोधन दो चरणों में किया जाएगा। पहला चरण जनवरी 2025 में लागू होगा, जबकि दूसरा चरण अप्रैल 2025 में निर्धारित है।
विदेशी कर्मचारियों के लिए मामूली वेतन वृद्धि
भारत के बाहर स्थित इंफोसिस कर्मचारियों को भी वेतन वृद्धि मिलेगी, लेकिन यह वृद्धि मामूली और सिंगल-डिजिट प्रतिशत की होगी। यह कंपनी की पिछले अंतरराष्ट्रीय वेतन संशोधन नीतियों के अनुरूप होगा।
वेतन संशोधन के प्रभाव
कंपनी ने संकेत दिया कि वेतन वृद्धि से Q4FY25 और Q1FY26 की वित्तीय स्थितियों पर थोड़े प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकते हैं। जयेश संघराजका ने कहा कि हालांकि यह वृद्धि कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का काम करेगी, लेकिन यह कंपनी के लाभ मार्जिन पर दबाव डाल सकती है।
इंफोसिस का अब तक का वेतन वृद्धि ट्रैक रिकॉर्ड
इंफोसिस ने नवंबर 2023 में अपना अंतिम वेतन संशोधन किया था। हालांकि, कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक वार्षिक वेतन वृद्धि को टाल दिया था। वर्तमान में, इंफोसिस के पास 3.23 लाख से अधिक कर्मचारी हैं, जो इसे भारत के सबसे बड़े आईटी नियोक्ताओं में से एक बनाते हैं।